But Why? ऐसा क्यों?
लेकिन क्यों...?
आख़िर वो क्यों चला गया... सबकुछ, सबको छोड़कर? उस रास्ते पर, जहाँ उसे भूख के अलावा कुछ नहीं मिलना था, और अकेलेपन के सिवा कोई साथ नहीं.
पर जाते-जाते... वो रुका था. बस एक पल के लिए ही सही, रुका था. पीछे मुड़कर देखा भी... अपनों को, अपनी जानी-पहचानी जगह को, उस ज़िंदगी को जो अब तक उसकी थी.
उस एक पल में उसने क्या सोचा होगा? डरा होगा? या फिर कुछ ऐसा जो हमारी समझ, हमारी भाषा से बहुत परे है?
वो सवाल जिसका जवाब आज करोड़ों लोग ढूंढ रहे हैं.
शायद आपके फ़ीड में भी वो वायरल पेंग्विन क्लिप आई होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ये क्लिप जर्मन फ़िल्ममेकर वर्नर हर्जोग की डॉक्यूमेंट्री Encounters at the End of the World का हिस्सा है.
इसमें वो बता रहे हैं कि ये पेंग्विन अब समुद्र की ओर नहीं जाएगा, ना अपने झुंड में लौटेगा. वो सीधा
पहाड़ों तरफ़ बढ़ रहा है. क़रीब 70 किलोमीटर दूर, जहां उसके लिए कुछ भी नहीं है.इस दौरान हर्जोग, पेंग्विन विशेषज्ञ डॉ. एनिली से बात भी करते हैं और यहीं पर ये क्लिप ख़त्म हो जाती है.
अब सोशल मीडिया पर मौजूद लोग अपने-अपने हिसाब से इसके जवाब दे रहे हैं. किसी के लिए ये मोटिवेशन है, किसी के लिए टूटा हुआ भरोसा. किसी को इसमें जीवन की कड़वी सच्चाई दिख रही है, तो किसी को बुद्ध हो जाने की अवस्था, जहाँ लौटने की कोई वजह ही नहीं बची. शायद सच इनमें से कुछ भी नहीं है. या शायद... ये सब कुछ एक साथ है.
अगर आपने ये क्लिप देखी है, तो आपके लिए इस "But Why" का जवाब क्या है?

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